environment
- मराठवाड़ा में अब ज्यादा पानी मांगने वाली गन्ने की खेती से लोग तौबा कर चुके हैं बुंदेलखंड में लोग सोयाबीन बोने से बच रहे हैैं --------- पंकज चतुर्वेदी
- बुंदेलखंड में जल संकट के चलते 40 % आबादी घर छोड़ चुकी है आधी ग्रामीण आबादी सूखे से हताश हो कर पेट पालने के लिए अपने घर-गांव से पलायन कर चुकी -------- पंकज चतुर्वेदी
- कोयला से बिजली बनाने के प्लांट किसान की सिंचाई के हिस्से का पानी निचोड़ते हैं प्लांट से निकला बेकार पानी जल के संसाधनों को दूषित करता है -------- पंकज चतुर्वेदी
- महागेंसो परली प्लांट तो पानी की कमी के कारण सन 2015 में ही बंद हो गया था, जबकि रायचूर का KPCH प्लांट अप्रैल से ठप्प पड़ा है ------ पंकज चतुर्वेदी
- महाराष्ट्र में 13000 MW के संयंत्र जल-संकट वाले इलाकों में अधिकांश पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है ------------ पंकज चतुर्वेदी
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर, बरेली जिलों में आजादी के समय लगभग 182 तालाब हुआ करते थे उनमें से अब 20-30 तालाब बचे हैं ---------पंकज चतुर्वेदी
- DELHI हो या BANGALORE या फिर लखनऊ सभी जगह विकास के लिए रोपी गई कॉलोनियां, सड़कों, फ्लाई ओवरों को तालाब को समाप्त कर ही बनाया गया
- मद्रास प्रेसीडेंसी में 50000 और मैसूर राज्य में 39000 तालाब होने की बात अंग्रेजों का राजस्व रिकॉर्ड दर्शाता है इनमें यादातर का अस्तित्व खत्म
- बुंदेलखंड की आधी ग्रामीण आबादी सूखे से हताश हो कर पेट पालने के लिए अपने घर-गांव से पलायन कर चुकी है ------ पंकज चतुर्वेदी
- कभी सुमेरु और सिंधु घाटी की सभ्यताओं की तूती बोला करती थी आज वे अतीत का हिस्सा बन गई हैं इस जमाने में क्या इस ओर ध्यान नहीं देना चाहिए ?
- 1 RTI में UP सरकार ने 4 साल पहले कुबूला था कि 10 वर्षों के दौरान बुंदेलखंड में 4020 जल स्रोतों का वजूद खत्म हो गया ---------- शशि शेखर
- मणिपुर में हर साल 1500 mm बारिश होती है पर उसके संरक्षण, वितरण की माकूल व्यवस्था अभी तक नहीं विकसित हुई यहां के लोग पानी माफिया पर निर्भर है ---------- शशि शेखर
- गंगा-यमुना के मायके उत्तराखंड से लेकर उनके द्वारा रचे गए विशाल दोआब में जलाभाव से फसलें सूख रही हैं गांव के गांव निर्जन हो रहे हैं ---------- शशि शेखर
- उत्तराखंड में भी कई ताल ( छोटी झीलें ) और जलस्रोत सूख चुके हैं टिहरी जिले में चंदीयार, कांडा और अंधियार ताल अतीत बन चुके हैं ---------- शशि शेखर
- चौराबाड़ी ( मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल ) सूखने के कगार पर मंदाकिनी चाहे बुंदेलखंड या उत्तराखंड की हो दोनों पर काल मंडरा रहा है ----------- शशि शेखर
Comments
Post a Comment